सिंघिया PHC प्रभारी डॉ. एम.एम. अंसारी ने छेड़ी टीबी के खिलाफ मुहिम! लोगों को किया जागरूक, कहा- समय पर जांच और इलाज से टीबी पूरी तरह ठीक होती है | समस्तीपुर में झमाझम बारिश से बदला मौसम का मिजाज! लोगों को गर्मी से मिली राहत, कई इलाकों में जलजमाव से बढ़ी परेशानी समस्तीपुर के माहे और महरा पंचायत में लगा प्रशासन का मेगा पंचायत सहयोग शिविर! आवास, राशन, बिजली और दाखिल-खारिज की समस्याओं का मौके पर समाधान समस्तीपुर में राशन घोटाले का बड़ा आरोप! मृत महिला के नाम पर वर्षों से उठ रहा था अंत्योदय राशन? पीडीएस डीलर पर फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप, एसडीओ ने बैठाई जांच | समस्तीपुर में दिल दहला देने वाली घटना! ननिहाल में पढ़ाई कर रहे 11 साल के मासूम सत्यम को जहरीले सांप ने डसा, अस्पताल पहुंचने से पहले ही टूट गई सांस, पूरे गांव में पसरा मातम | कोल्हुआघाट में करेह नदी की नहर में जेसीबी से उड़ाहीकरण पर बवाल! मजदूरों का फूटा गुस्सा, सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

सिंघिया PHC प्रभारी डॉ. एम.एम. अंसारी ने छेड़ी टीबी के खिलाफ मुहिम! लोगों को किया जागरूक, कहा- समय पर जांच और इलाज से टीबी पूरी तरह ठीक होती है |

समस्तीपुर जिले के सिंघिया प्रखंड में टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिंघिया के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एम.एम. अंसारी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि टीबी एक गंभीर बीमारी जरूर है, लेकिन समय पर पहचान और नियमित इलाज से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि आज भी कई लोग जानकारी के अभाव में टीबी के लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। इसलिए यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक लगातार खांसी, बलगम में खून आना, लगातार बुखार, वजन कम होना, रात में अत्यधिक पसीना आना या कमजोरी महसूस हो, तो उसे तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच करानी चाहिए।

डॉ. अंसारी ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में टीबी की जांच और दवाइयां पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी तरह की झिझक या डर के बिना जांच कराएं और यदि टीबी की पुष्टि होती है तो डॉक्टर द्वारा निर्धारित पूरा इलाज अवश्य करें। बीच में दवा छोड़ना मरीज और समाज दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि टीबी मरीजों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करना चाहिए। परिवार और समाज का सहयोग मरीज के शीघ्र स्वस्थ होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को टीबी के कारण, लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही ग्रामीणों से अपील की गई कि वे अपने आसपास किसी भी संदिग्ध मरीज की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दें, ताकि समय रहते उसकी जांच और उपचार शुरू किया जा सके।

डॉ. एम.एम. अंसारी ने कहा कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक कर रहा है।

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