स्कूल जाने के दौरान शिक्षक पर फायरिंग मामले में तीन आरोपित गिरफ्तार, 72 घंटे में पुलिस को मिली सफलता

बिहार \ समस्तीपुर। जिले के अंगारघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत चैता गांव के दशर्जा चौर में प्राथमिक विद्यालय के प्रधान शिक्षक पर हुई फायरिंग की घटना में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गावपुर डीह प्राथमिक विद्यालय के प्रधान शिक्षक अमरेंद्र कुमार पांडेय पर गोली चलाने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपितों को घटना के महज 72 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपितों में दो बालिग युवक शामिल हैं, जबकि तीसरे नाबालिग आरोपित को विधि के अनुरूप निरुद्ध किया गया है। पुलिस ने आरोपितों के पास से घटना में प्रयुक्त बाइक, मोबाइल फोन और गांजा पीने में इस्तेमाल होने वाला चिलम भी जब्त किया है।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में हुई फायरिंग की घटना को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मामले में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपितों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पूछताछ में बताया गया कि बकरी को बाइक से ठोकर लगने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। इसी विवाद ने बाद में गंभीर रूप ले लिया और शिक्षक पर कथित तौर पर पिस्तौल से गोली चला दी गई। हालांकि, घटना में शिक्षक बाल-बाल बच गए और उन्हें गोली नहीं लगी।

गिरफ्तार आरोपितों की हुई पहचान

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों की पहचान चैता उत्तरी गांव निवासी हरेकृष्ण दास के पुत्र लालबाबू कुमार तथा उनके पड़ोसी मोहन पासवान के पुत्र गोलू कुमार के रूप में हुई है। इस मामले में शामिल तीसरे आरोपित के नाबालिग होने के कारण उसे विधि के अनुरूप निरुद्ध किया गया है। पुलिस तीनों की भूमिका को लेकर जांच कर रही है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए अंगारघाट थाना पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपितों की पहचान करने के बाद उन्हें पकड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाए। महज 72 घंटे के भीतर तीनों आरोपितों तक पहुंचना पुलिस के लिए इस मामले में महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।

पुलिस ने आरोपितों के पास से घटना में इस्तेमाल की गई बाइक, मोबाइल फोन और गांजा सेवन करने में प्रयुक्त चिलम बरामद की है। बरामद सामान को जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। पुलिस घटना में प्रयुक्त हथियार के संबंध में भी जांच कर रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जब्त सामान में पिस्तौल का उल्लेख नहीं है।

बकरी को ठोकर लगने के बाद शुरू हुआ विवाद

पुलिस पूछताछ में सामने आई जानकारी के मुताबिक, शिक्षक अमरेंद्र कुमार पांडेय अपने घर से विद्यालय जाने के लिए निकले थे। इसी दौरान चैता गांव में उनकी बाइक से एक बकरी को ठोकर लग गई थी। बताया गया कि इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि संबंधित युवक इस घटना को लेकर शिक्षक से मुआवजे के रूप में पैसे की मांग करने लगे।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपितों ने बताया कि वे गांजा पीने के बाद नशे की हालत में घटनास्थल पर पहुंचे थे। वहां शिक्षक को रोककर बकरी को ठोकर लगने के एवज में रुपये देने के लिए कहा गया। शिक्षक की ओर से इसका विरोध किए जाने के बाद विवाद बढ़ गया। इसी दौरान आक्रोशित होकर आरोपितों ने कथित तौर पर पिस्तौल से शिक्षक पर गोली चला दी।

हालांकि, गोलीबारी में शिक्षक अमरेंद्र कुमार पांडेय बाल-बाल बच गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। स्कूल जाने के दौरान एक शिक्षक पर इस तरह फायरिंग किए जाने से स्थानीय लोगों के बीच चिंता का माहौल बन गया था।

पुलिस पूछताछ में सामने आए इस घटनाक्रम की जांच की जा रही है। मामले में आरोपितों के बयानों के साथ अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का भी सत्यापन किया जाना आवश्यक है, ताकि घटना की पूरी परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

स्कूल जाते समय शिक्षक को बनाया गया निशाना

मिली जानकारी के अनुसार, घटना गत सोमवार की है। प्रधान शिक्षक अमरेंद्र कुमार पांडेय अपने घर से गावपुर डीह प्राथमिक विद्यालय जाने के लिए निकले थे। इसी दौरान चैता गांव के दशर्जा चौर के पास आरोपितों ने उन्हें घेर लिया। बताया गया कि बकरी को बाइक से ठोकर लगने के विवाद को लेकर उन्हें रोका गया और फिर कथित तौर पर पिस्तौल से फायरिंग की गई।

शिक्षक के लिए यह घटना काफी गंभीर हो सकती थी, लेकिन संयोगवश वह गोली लगने से बच गए। दिन के समय स्कूल जाने के दौरान हुई इस घटना ने क्षेत्र में शिक्षकों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने के लिए जा रहे शिक्षक के साथ इस तरह की घटना सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। घटना के बाद आरोपितों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की गई। पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, तीनों आरोपितों को 72 घंटे के भीतर पकड़ लिया गया।

थानाध्यक्ष ने की गिरफ्तारी की पुष्टि

अंगारघाट थानाध्यक्ष हिमांशु कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शिक्षक पर फायरिंग की घटना में शामिल तीनों आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि आरोपित गांजा के नशे में धुत्त होकर घटना को अंजाम देने पहुंचे थे। पुलिस ने उनके पास से घटना में प्रयुक्त बाइक, मोबाइल फोन और गांजा सेवन करने वाला चिलम जब्त किया है।

थानाध्यक्ष के अनुसार, मामले की जांच जारी है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वारदात किस परिस्थिति में हुई और इसमें किसकी क्या भूमिका रही। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मामले में शामिल आरोपितों की पहचान कर उन्हें पकड़ने में सफलता मिली है।

पुलिस यह भी सुनिश्चित कर रही है कि मामले से संबंधित साक्ष्यों को विधिसम्मत तरीके से संकलित किया जाए। आरोपितों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

क्षेत्र में घटना को लेकर चर्चा

चैता गांव के दशर्जा चौर में स्कूल जा रहे प्रधान शिक्षक पर फायरिंग की घटना ने स्थानीय क्षेत्र में लोगों को चिंतित कर दिया। एक मामूली विवाद के बाद कथित तौर पर गोली चलाए जाने की घटना ने मामले की गंभीरता बढ़ा दी है। शिक्षक शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं और उनका सुरक्षित वातावरण में विद्यालय पहुंचना आवश्यक है।

इस मामले में पुलिस की ओर से त्वरित गिरफ्तारी किए जाने के बाद जांच की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। अब घटना से जुड़े तथ्यों, आरोपितों की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, अंगारघाट थाना पुलिस ने तीनों आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए घटना में प्रयुक्त बाइक समेत अन्य सामान जब्त किया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। उल्लेखनीय है कि गोलीबारी की घटना में प्रधान शिक्षक अमरेंद्र कुमार पांडेय बाल-बाल बच गए थे। मामले में आरोपितों के खिलाफ आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।

इस घटना ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि छोटे विवादों को हिंसक रूप देना गंभीर अपराध है। पुलिस ने लोगों से कानून अपने हाथ में नहीं लेने और किसी भी विवाद की स्थिति में कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

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