NCERT कक्षा 6 की अध्याय 4 का इतिहास

आज हम विभिन्न प्रकार का भोजन करते हैं। अनाज से बने भोजन, सब्जी, दूध-दही, मक्खन, मांस-मछली आदि। यह हमें अधिकांशतः उगाई गई फसलों और पालतू पशुओं से मिलते हैं। परंतु आरंभिक मानव कुछ भी नहीं उगाते थे और सब कुछ जंगलों से बटोर लाते थे। इनमें जानवरों का शिकार और कंदमूल एवं फलों को इकट्ठा करने के तरीके शामिल थे। जो शिकारी एवं खाद्य संग्रहक लोग लाखों सालों से जंगली फल व अनाज बटोरते थे उन्हें मालूम तो होगा कि कैसे बीज से पौधे उगाते हैं। उन्होंने आस-पास ऐसे खूब सारे पौधों को उगते देखा होगा, फिर भी उन्होंने खेती शुरू नहीं की। इसका क्या कारण रहा होगा? जिन लोगों ने खेती शुरू की उनको क्या जरूरत पड़ी कि वे खेती करने लगे? इन बातों की पक्की जानकारी तो नहीं, फिर भी उन दिनों के जो निशान और सबूत मिलते हैं उनसे हम कुछ अनुमान लगा सकते हैं।

### खेती की शुरुआत

कृषि के आरंभ होने का मतलब था कोई भी अनाज ऐसे स्थान पर उपजाया जाना जहाँ वह अपने आप नहीं उगता हो। सबसे पहले खेती किसने और कहाँ शुरू की? अनुमान है कि खेती की शुरुआत ईरान और इराक देश की पहाड़ियों की तलहटी में हुई। आज से लगभग 8000 से 10000 साल पहले वहाँ रहने वाले लोगों ने सबसे पहले खेती करना शुरू किया। बाद में जगह-जगह लोगों के समूहों द्वारा खेती करनी शुरू हुई। अपने देश में खेती की शुरुआत आज से 5-6 हजार साल पहले पश्चिमोत्तर भारत में हुई। समूह की महिलाएँ पेड़-पौधों के बारे में बहुत जानकारी रखती थीं क्योंकि आम तौर पर जंगली फल दाने, जड़ें आदि इकट्ठा करने का काम वे ही किया करती थीं। वे पेड़-पौधों को करीब से देखते-देखते उनके बारे में काफी कुछ समझने लगी थीं। आवश्यकता पड़ने पर उन्होंने इस जानकारी का उपयोग खुद पौधे उगाने में किया।

ऐसा माना जाता है कि मध्य एशिया के क्षेत्र में रहने वाले शिकारियों के एक समूह ने दूसरे समूह को खदेड़ दिया हो। नई जगह पर, जहाँ वे गए, उन लोगों को वे सारे जंगली फसल नहीं मिल पा रही थी, जिसके खाने के वे अभ्यस्त हो गए थे। अतः उन्होंने नए क्षेत्र में अपने साथ लाए कुछ बीजों को जमीन में डाल दिया। उसे नियमित पानी से सिंचित करने लगे। कुछ महीनों में उन पौधों में फल लग गए जिसे पुष्ट होने पर उन लोगों ने उसे काट कर उससे सारे अनाज निकाल लिया। ऐसे ही खेती की शुरुआत हुई। धीरे-धीरे अलग-अलग समूहों ने जंगलों को साफ कर उस पर भी बीजों को बोना शुरू किया इससे जमीन के छोटे टुकड़े पर वे लोग ज्यादा अनाज उपजाने लगे। इस तरह आरंभिक मानव के पास अनाज का एक भंडार हो गया जिसे वे संकट के समय इस्तेमाल कर सकते थे। इसी के साथ उनकी जीवनशैली में बदलाव आया। शिकार करने वाले और फल, अनाज इकट्ठा करने वाले लोग अपना निवास क्षेत्र बदलते रहते थे। मगर अब फसल की रखवाली के लिए खेतों के आस-पास स्थायी रूप में रहना आवश्यक हो गया। इस तरह आरंभिक गाँव बसे।

चूँकि फसल तैयार होने में 4–6 महीने लग जाते थे। इस प्रक्रिया में समूह के सभी लोग आपस में सहयोग करते थे। इस सहयोग से उनके बीच नाता-रिश्ता जिसका आधार आपसी संबंध था शुरू हुआ। स्थायी रूप से एक जगह रह कर फसलों को उपजाने के कारण लोग अब छप्पर वाली झोपड़ियों को बनाना शुरू किए। अनाज के भंडार को रखने के लिए उन्होंने मिट्टी के बर्तनों को बनाना आरंभ किया। धीरे-धीरे कताई-बुनाई शुरू हुई। मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल वे लोग भोजन बनाने एवं खाना खाने में भी करने लगे। शिकारी मानव के जीवन में ये सारे बदलाव हजारों वर्ष में संभव हो सकता था।

## मानव ने जानवर पालना शुरू किया

 

जिस समय खेती की शुरुआत हुई लगभग उसी समय पशुपालन भी शुरू हुआ। पशु पालने का काम वस्तुतः शिकारी संग्रहकर्ताओं ने ही पहले किया था। शुरू में जब वे लोग जानवरों का शिकार करते होंगे तो उन्हें पशुओं के बच्चे भी हाथ लग जाते थे। उसे वे पकड़ कर अपने रहने के ठिकाने पर लाते होंगे ताकि बड़े होने पर उससे ज्यादा मांस प्राप्त हो सके।

 

इस तरह आरंभिक मानव भेड़ों-बकरियों के नन्हे मेमनों एवं नन्हे बछड़ों एवं बछियों को अपने पास बाँध कर रखने लगे। धीरे-धीरे उन्हें उन जानवरों की उपयोगिता समझ आई होगी। उन्हें यह लगा होगा कि जानवरों को मार कर खा लेने की बजाय यदि जिंदा पाला जाए तो बहुत से नए फायदे मिल सकते हैं। आरंभिक मानव ने पशुओं को पालतू बनाते समय कुछ बातों का ध्यान अवश्य रखा होगा। जैसे- ऐसे पशु को पालतू बनाया जाए जिनके लिए आसानी से भोजन उपलब्ध कराया जा सके। वह हिंसक न हो तथा नुकसान न पहुँचाए। उन्हें अपने साथ इधर-उधर भी ले जाया जा सके साथ ही शिकार खोजने एवं भोजन ढूँढ़ने में उनसे मदद भी मिले। यही सब बात सोचकर उसने सबसे पहले कुत्ता, फिर सुअर, भेड़, बकरी और अन्य जानवरों को पालना शुरू किया।

### अति लघु उत्तरीय प्रश्न (1–2 अंक)

प्रश्न 1. प्रारंभिक मानव भोजन कहाँ से प्राप्त करता था?

उत्तर: प्रारंभिक मानव शिकार करके तथा जंगलों से फल, कंदमूल और अनाज इकट्ठा करके भोजन प्राप्त करता था।

प्रश्न 2. खेती की शुरुआत का क्या अर्थ है?

उत्तर: ऐसे स्थान पर अनाज उगाना, जहाँ वह अपने आप नहीं उगता था, खेती की शुरुआत कहलाता है।

प्रश्न 3. खेती की शुरुआत सबसे पहले कहाँ हुई?

उत्तर: अनुमान है कि खेती की शुरुआत ईरान और इराक की पहाड़ियों की तलहटी में हुई।

प्रश्न 4. भारत में खेती की शुरुआत कब हुई?

उत्तर: आज से लगभग 5–6 हजार साल पहले पश्चिमोत्तर भारत में खेती की शुरुआत हुई।

प्रश्न 5. प्रारंभिक मानव ने सबसे पहले किस जानवर को पालतू बनाया?

उत्तर: प्रारंभिक मानव ने सबसे पहले कुत्ते को पालतू बनाया।

प्रश्न 6. प्रारंभिक मानव ने मिट्टी के बर्तन क्यों बनाए?

उत्तर: अनाज का भंडारण करने, भोजन बनाने और खाना खाने के लिए मिट्टी के बर्तन बनाए।

प्रश्न 7. प्रारंभिक गाँव क्यों बसे?

उत्तर: फसलों की रखवाली के लिए लोगों को खेतों के आसपास स्थायी रूप से रहना आवश्यक हो गया। इस प्रकार प्रारंभिक गाँव बसे।

प्रश्न 8. खेती की प्रक्रिया में कितना समय लगता था?

उत्तर: फसल तैयार होने में लगभग 4–6 महीने लगते थे।

### लघु उत्तरीय प्रश्न (2–3 अंक)

प्रश्न 9. प्रारंभिक मानव ने खेती करना क्यों शुरू किया?

उत्तर: प्रारंभिक मानव ने देखा कि बीजों से पौधे उगते हैं। जब उन्हें अपने पुराने स्थानों पर जंगली फल और अनाज मिलने बंद हो गए, तो उन्होंने बीजों को जमीन में बोना और पानी देना शुरू किया। इससे खेती की शुरुआत हुई।

 

प्रश्न 10. प्रारंभिक मानव के जीवन में खेती से क्या बदलाव आए?

उत्तर:

* लोग एक स्थान पर स्थायी रूप से रहने लगे।

* प्रारंभिक गाँव बसने लगे।

* अनाज का भंडारण किया जाने लगा।

* मिट्टी के बर्तन बनाने और कताई-बुनाई का काम शुरू हुआ।

प्रश्न 11. प्रारंभिक मानव ने जानवरों को पालतू क्यों बनाया?

उत्तर: प्रारंभिक मानव ने जानवरों को भोजन, मांस और अन्य उपयोगों के लिए पालतू बनाया। जानवरों से शिकार खोजने और भोजन ढूँढ़ने में भी सहायता मिलती थी।

प्रश्न 12. प्रारंभिक मानव के जीवन में महिलाओं की क्या भूमिका थी?

उत्तर: महिलाएँ जंगली फल, दाने और जड़ें इकट्ठा करती थीं। पेड़-पौधों की जानकारी होने के कारण उन्होंने पौधे उगाने और खेती की शुरुआत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

प्रश्न 13. खेती शुरू होने के बाद लोगों की जीवनशैली में क्या बदलाव आया?

उत्तर: खेती शुरू होने के बाद लोग स्थायी रूप से रहने लगे। उन्होंने झोपड़ियाँ बनाईं, अनाज जमा किया, मिट्टी के बर्तन बनाए और पशुपालन शुरू किया।

 

### दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (3–5 अंक)

प्रश्न 14. खेती की शुरुआत कैसे हुई?

उत्तर: प्रारंभिक मानव जंगलों से फल, कंदमूल और अनाज इकट्ठा करता था। धीरे-धीरे उसने देखा कि बीज जमीन में गिरने पर नए पौधे उगते हैं। लोगों ने बीजों को जमीन में बोना और नियमित पानी देना शुरू किया। कुछ महीनों बाद पौधों में फल और अनाज पैदा हुए। इस प्रकार खेती की शुरुआत हुई। बाद में लोगों ने जंगलों को साफ करके अधिक अनाज उगाना शुरू किया।

 

प्रश्न 15. पशुपालन की शुरुआत कैसे हुई?

उत्तर: प्रारंभिक मानव जब जानवरों का शिकार करता था, तो कभी-कभी उनके बच्चे भी उसके हाथ लग जाते थे। वह उन्हें अपने रहने के स्थान पर ले जाकर पालने लगा। धीरे-धीरे उसे समझ आया कि जानवरों को जीवित पालने से अनेक लाभ मिल सकते हैं। इस प्रकार पशुपालन की शुरुआत हुई। उसने सबसे पहले कुत्ते और बाद में सुअर, भेड़, बकरी तथा अन्य जानवरों को पालना शुरू किया।

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