बिहार समस्तीपुर । उत्क्रमित मध्य विद्यालय लगुनियां सूर्यकंठ में शुक्रवार को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर देश की पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें भी श्रद्धापूर्वक याद किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शिक्षक–शिक्षिकाओं और छात्र–छात्राओं ने दोनों महान नेताओं के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को देश की एकता, अखंडता, आपसी भाईचारे और राष्ट्रसेवा के महत्व से परिचित कराना था।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्रधानाध्यापक सौरभ कुमार ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चित्रों पर माल्यार्पण कर की। इसके बाद उपस्थित शिक्षकों और विद्यार्थियों ने दोनों महान व्यक्तित्वों को श्रद्धांजलि अर्पित की। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को देश के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम में महान नेताओं के योगदान और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी दी गई।
राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रतीक थे सरदार पटेल
इस अवसर पर प्रधानाध्यापक सौरभ कुमार ने सरदार वल्लभभाई पटेल के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रीय एकता और अखंडता के लिए समर्पित रहा। उन्होंने देश को एक सूत्र में पिरोने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देशी रियासतों के एकीकरण में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके दृढ़ संकल्प, साहस, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण ने उन्हें भारतीय इतिहास में विशिष्ट स्थान दिलाया।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल को उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और मजबूत नेतृत्व के कारण लौह पुरुष के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी देश की एकता को सर्वोपरि रखा। उनका जीवन हमें सिखाता है कि व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित के लिए कार्य करना चाहिए। आज के समय में भी उनके विचार और आदर्श उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने स्वतंत्रता के बाद थे।
प्रधानाध्यापक ने कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है। यहां अलग-अलग भाषाएं, धर्म, संस्कृतियां, परंपराएं और रहन-सहन होने के बावजूद सभी नागरिक एक राष्ट्र के रूप में जुड़े हुए हैं। इस विविधता में एकता ही देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे आपसी भेदभाव से दूर रहें और सभी के प्रति सम्मान, सहयोग तथा सद्भाव की भावना बनाए रखें।
उन्होंने आगे कहा कि सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेकर देश की एकता और अखंडता को बनाए रखना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है। विद्यार्थियों को अपने दैनिक जीवन में अनुशासन, ईमानदारी, जिम्मेदारी और देशप्रेम जैसे मूल्यों को अपनाना चाहिए। छोटी-छोटी सकारात्मक पहल भी समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर किया गया स्मरण
कार्यक्रम के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर भी उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। प्रधानाध्यापक सौरभ कुमार ने उनके जीवन और देश के प्रति योगदान को याद करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी भारतीय राजनीति की प्रभावशाली नेताओं में से एक थीं। उन्हें आयरन लेडी के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना किया और देश के नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी का जीवन दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और निरंतर कर्म करते रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अपनी पहचान बनाई और कठिन परिस्थितियों में भी निर्णय लेने का साहस दिखाया। उनका व्यक्तित्व महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है। उनके जीवन से यह सीख मिलती है कि लक्ष्य के प्रति समर्पण, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने से कठिन चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।
प्रधानाध्यापक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि महान व्यक्तित्वों की जयंती और पुण्यतिथि मनाने का उद्देश्य केवल उन्हें याद करना नहीं, बल्कि उनके जीवन से प्रेरणा लेकर उनके अच्छे गुणों को अपने व्यवहार में उतारना भी है। सरदार पटेल का राष्ट्रीय एकता का संदेश और इंदिरा गांधी का दृढ़ नेतृत्व विद्यार्थियों को अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्राप्त करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में अच्छे संस्कार, सामाजिक जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध विकसित करना भी है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों को अपने देश के महान नेताओं और उनके योगदान के बारे में जानने का अवसर प्रदान करते हैं।
विद्यार्थियों ने ली राष्ट्रीय एकता की शपथ
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रीय एकता की शपथ ली। विद्यार्थियों ने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने तथा आपसी सद्भाव और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया। इस दौरान उन्हें बताया गया कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। देश की प्रगति और सामाजिक समरसता के लिए सभी नागरिकों को मिल-जुलकर कार्य करना चाहिए।
शिक्षकों ने विद्यार्थियों को समझाया कि समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना जरूरी है। जाति, धर्म, भाषा या क्षेत्र के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए। सभी लोगों के साथ समान व्यवहार करना और जरूरत के समय एक-दूसरे की सहायता करना राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत बनाता है।
विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम से विद्यार्थियों को देश के महान नेताओं के विचारों को समझने और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश मिला। शिक्षकों ने बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने तथा अपने विद्यालय, परिवार, गांव और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षक-शिक्षिकाओं की रही सहभागिता
इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिका कुमारी पूनम सिन्हा, संगीता कुमारी, रेखा कुमारी, कुमारी प्रतिभा, एरम आफताब, बबीता कुमारी, नीतू राय और फरहत परवीन सहित शिक्षक सत्येंद्र प्रसाद, अजय गुप्ता, चंदन कुमार और नजरुल हसन मौजूद रहे। इसके अलावा विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एकता दिवस के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को बचपन से ही देशप्रेम, अनुशासन, सहयोग और सद्भाव जैसे मूल्यों को अपनाना चाहिए, ताकि वे भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बन सकें।
उत्क्रमित मध्य विद्यालय लगुनियां सूर्यकंठ में आयोजित यह कार्यक्रम महान नेताओं के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ-साथ विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने का माध्यम बना। कार्यक्रम के माध्यम से सभी को यह संदेश दिया गया कि देश की मजबूती आपसी एकता, सहयोग और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों में निहित है। सरदार वल्लभभाई पटेल और इंदिरा गांधी के जीवन से प्रेरणा लेकर नई पीढ़ी देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।








