मानसून में बढ़ा सांपों का खतरा! बारिश के मौसम में इन गलतियों से बचें, वरना पड़ सकता है भारी

बिहार समेत कई राज्यों में मानसून के सक्रिय होने के साथ ही सांप निकलने की घटनाओं में तेजी आने लगी है। लगातार बारिश के कारण बिलों में पानी भर जाता है, जिससे सांप सुरक्षित जगह की तलाश में घरों, खेतों और आबादी वाले इलाकों की ओर रुख करते हैं। ऐसे में थोड़ी सी सावधानी आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के मौसम में घर के आसपास जमा पानी, कचरा और घनी झाड़ियों को तुरंत साफ कर देना चाहिए। घर के दरवाजों और खिड़कियों के नीचे बनी दरारों को बंद रखें, ताकि सांप अंदर प्रवेश न कर सकें। रात के समय बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करें और बिना जूते-चप्पल के बाहर जाने से बचें।

यदि घर में या आसपास सांप दिखाई दे तो घबराने या उसे मारने की कोशिश न करें। सुरक्षित दूरी बनाए रखें और वन विभाग या स्थानीय स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना दें। कई बार जहरीले और गैर-जहरीले सांपों की पहचान करना आसान नहीं होता, इसलिए जोखिम लेने से बचें।

सांप काटने की स्थिति में मरीज को शांत रखें और बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। झाड़-फूंक, जहर चूसने या चीरा लगाने जैसे घरेलू उपाय जानलेवा साबित हो सकते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर एंटी-स्नेक वेनम (ASV) उपचार ही सबसे प्रभावी इलाज है।

क्या करें, क्या न करें?

करें:

  • घर के आसपास साफ-सफाई रखें।
  • रात में टॉर्च का उपयोग करें।
  • खेतों और झाड़ियों में जूते पहनकर जाएं।
  • सांप दिखे तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचना दें।

न करें:

  • सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश न करें।
  • झाड़-फूंक या घरेलू उपचार पर भरोसा न करें।
  • मरीज को दौड़ने या अधिक चलने न दें।
  • घाव पर चीरा लगाने या कसकर रस्सी बांधने से बचें।

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