समस्तीपुर | संवाददाता
बिहार के समस्तीपुर जिले के सिंघिया प्रखंड क्षेत्र में बीती रात अलग-अलग गांवों में सर्पदंश की तीन घटनाएं सामने आईं। इनमें एक 5 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोगों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) सिंघिया में इलाज चल रहा है। चिकित्सकों ने लोगों से सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचने की अपील की है।
जानकारी के अनुसार, लिलहौल गांव निवासी राजकुमार यादव के पुत्र मोहन यादव को घर पर तुलसी के पौधे में अगरबत्ती दिखाने के दौरान जहरीले सांप ने काट लिया। वहीं, कुंडल-2 पंचायत के निमी गांव निवासी संजीव कुमार की पत्नी विभा देवी को शौच के लिए जाने के दौरान सांप ने डंस लिया।
दोनों घायलों को परिजनों ने तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिंघिया में भर्ती कराया, जहां प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अविनाश तिवारी की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की स्थिति फिलहाल सामान्य है।
वहीं, राजघाट गांव निवासी राजेश मांझी के 5 वर्षीय पुत्र हरिओम कुमार को भी सांप ने काट लिया। परिजनों ने पहले झाड़-फूंक का सहारा लिया, जिससे इलाज शुरू कराने में देरी हो गई। बाद में अस्पताल ले जाने तक बच्चे की मौत हो गई।
इस घटना के बाद डॉ. अविनाश तिवारी ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि सर्पदंश की स्थिति में किसी भी प्रकार के झाड़-फूंक या अंधविश्वास के चक्कर में न पड़ें। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में प्रत्येक मिनट महत्वपूर्ण होता है, इसलिए पीड़ित को बिना देर किए नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए, जहां सर्पदंश का वैज्ञानिक और प्रभावी उपचार उपलब्ध है।
स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से बारिश के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने, रात के समय टॉर्च का उपयोग करने तथा घर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी है, ताकि सर्पदंश जैसी घटनाओं से बचा जा सके।








