आज की सबसे बड़ी खबर उत्तराखंड से सामने आ रही है, जहां मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे राज्य में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई नदियाँ उफान पर हैं, पहाड़ों से लगातार भूस्खलन हो रहा है, 100 से अधिक सड़कें बंद हो चुकी हैं और मौसम विभाग ने सात जिलों में रेड अलर्ट जारी कर दिया है।
उत्तराखंड में लगातार बारिश से बिगड़े हालात
उत्तराखंड में पिछले कई दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जबकि मैदानी क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 24 से 48 घंटे राज्य के लिए बेहद संवेदनशील हो सकते हैं।
इसी को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
कई इलाकों में रिकॉर्ड बारिश
बारिश के आंकड़े भी बेहद चौंकाने वाले हैं।
सबसे अधिक वर्षा काशीपुर में लगभग 206 मिलीमीटर दर्ज की गई।
इसके अलावा—
जसपुर में 190 मिमी
लक्सर में 180 मिमी
कोटद्वार में 160 मिमी
हरिद्वार में 132.9 मिमी
रुड़की में 126.2 मिमी
बेतालघाट में 118.5 मिमी
टिहरी में 115.2 मिमी
रोशनाबाद में 115 मिमी
नैनीताल में 107.5 मिमी
नरेंद्रनगर में 105 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
लगातार हो रही इस बारिश ने पूरे राज्य में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।
गंगा और यमुना समेत कई नदियाँ उफान पर
बारिश का सबसे बड़ा असर नदियों पर दिखाई दे रहा है।
गंगा, यमुना और उनकी सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार—
श्रीनगर में अलकनंदा,
कर्णप्रयाग में पिंडर,
देवप्रयाग और ऋषिकेश में गंगा,
धारचूला में काली,
पिथौरागढ़ में सरयू,
और जौलजीबी में गौरी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल सभी नदियाँ खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं।
लेकिन प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है।
सात जिलों में रेड अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने राज्य के सात जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है।
इनमें शामिल हैं—
देहरादून,
टिहरी,
पौड़ी,
हरिद्वार,
उधम सिंह नगर,
नैनीताल
और चंपावत।
इन जिलों में अत्यधिक भारी बारिश, तेज गर्जना, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
वहीं राज्य के अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए भी उधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत में रेड अलर्ट बरकरार रखा है।
107 सड़कें बंद
लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य के कई प्रमुख मार्ग बंद हो गए हैं।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र यानी SEOC के अनुसार—
कुल 107 सड़कें यातायात के लिए बंद हो चुकी हैं।
इनमें नौ राज्य राजमार्ग और सीमा सड़क संगठन यानी BRO की एक सड़क भी शामिल है।
प्रशासन लगातार जेसीबी और राहत दलों की मदद से सड़कों को खोलने का प्रयास कर रहा है
भूस्खलन से मकान क्षतिग्रस्त
टिहरी जिले के कद्दूखाल क्षेत्र में बुधवार शाम भूस्खलन की चपेट में एक पुराना खाली मकान आ गया।
हालांकि उस मकान में कोई मौजूद नहीं था, इसलिए बड़ा हादसा टल गया।
लेकिन इस घटना ने आसपास के लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
चार जिलों में स्कूल बंद
बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है।
देहरादून,
पौड़ी,
टिहरी
और हरिद्वार जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल एहतियातन बंद कर दिए गए हैं।
प्रशासन ने स्कूलों को ऑनलाइन पढ़ाई या अगली सूचना तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन की अपील
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि—
पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा फिलहाल टाल दें।
नदी-नालों के किनारे जाने से बचें।
मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।
किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन पर तुरंत संपर्क करें।









