आज के समय में लगभग हर छात्र के हाथ में स्मार्टफोन है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, व्हाट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर घंटों समय बिताना आम बात हो गई है।
हालांकि सोशल मीडिया पर कई शैक्षणिक और उपयोगी सामग्री भी उपलब्ध है, लेकिन बिना उद्देश्य के लगातार स्क्रॉल करना छात्रों का काफी समय ले सकता है। कई बार छात्र पढ़ाई के लिए फोन उठाते हैं, लेकिन नोटिफिकेशन या मनोरंजन वाले कंटेंट में उलझकर काफी समय बिता देते हैं।
शिक्षकों और शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पढ़ाई के दौरान ध्यान भटकना सीखने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। यदि कोई छात्र समय का संतुलित उपयोग नहीं करता, तो उसकी पढ़ाई, एकाग्रता और परीक्षा की तैयारी पर असर पड़ सकता है।
इसके अलावा देर रात तक मोबाइल चलाने से नींद पूरी नहीं हो पाती। पर्याप्त नींद न मिलने से अगले दिन पढ़ाई में मन लगाने, याद रखने और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई हो सकती है।
हालांकि यह कहना भी सही नहीं होगा कि सोशल मीडिया पूरी तरह गलत है। यदि इसका उपयोग सीमित समय के लिए और सही उद्देश्य से किया जाए, जैसे ऑनलाइन क्लास, करियर जानकारी, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी या शैक्षणिक वीडियो देखने के लिए, तो यह उपयोगी साधन भी बन सकता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि छात्र पढ़ाई के लिए एक निश्चित समय तय करें, मोबाइल की अनावश्यक नोटिफिकेशन बंद रखें और पढ़ाई के दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखें। इससे समय का बेहतर उपयोग हो सकता है और पढ़ाई पर अधिक ध्यान दिया जा सकता है। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। मेहनत, अनुशासन और समय का सही उपयोग ही छात्रों को उनके लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद करता है। सोशल मीडिया का उपयोग सोच-समझकर और संतुलित तरीके से करना ही सबसे बेहतर विकल्प है।









