देशभर में मानसून का कहर ! दिल्ली से केरल तक तबाही, भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त | बड़ी खबर

आज की सबसे बड़ी खबर पूरे देश से जुड़ी हुई है। मानसून अब पूरे भारत में पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, लेकिन इसके साथ ही कई राज्यों में भारी तबाही भी देखने को मिल रही है। कहीं बाढ़ ने लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया है, कहीं भूस्खलन ने गांवों का संपर्क तोड़ दिया है, तो कहीं इमारतें गिर रही हैं और सड़कें पानी में डूब चुकी हैं।

आइए जानते हैं देशभर में बारिश ने कहां-कहां सबसे ज्यादा असर डाला है।

पूरे देश में पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून

भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अब राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के शेष हिस्सों में भी पहुंच चुका है। इसके साथ ही पूरे भारत में मानसून का आगमन पूरा हो गया है।
इस वर्ष मानसून ने सामान्य तिथि से केवल एक दिन की देरी से पूरे देश को कवर किया है। लेकिन बारिश की मात्रा सामान्य से काफी अधिक रिकॉर्ड की गई है।
जुलाई के पहले नौ दिनों में पूरे देश में लगभग 101.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 73.8 मिलीमीटर मानी जाती है।
यानी इस बार मानसून सामान्य से कहीं अधिक सक्रिय नजर आ रहा है।

दिल्ली में मानसून का सबसे बड़ा हमला

सबसे पहले बात करते हैं देश की राजधानी दिल्ली की।

दिल्ली में इस मानसून सीजन की अब तक की सबसे भारी बारिश दर्ज की गई।
सफदरजंग मौसम केंद्र में 24 घंटे के दौरान 72.6 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई, जबकि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के तुकमीरपुर इलाके में करीब 160 मिलीमीटर बारिश हुई।
बारिश इतनी तेज थी कि विकास मार्ग, आईटीओ, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, द्वारका, मुनिरका, सदर बाजार और दिल्ली-नोएडा एक्सप्रेसवे समेत कई इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए।
कई जगह लोगों को घुटनों तक पानी में चलना पड़ा।
लंबे-लंबे ट्रैफिक जाम लगे और हजारों वाहन घंटों तक फंसे रहे।
दिल्ली सरकार ने हालात की समीक्षा की और जलभराव वाले क्षेत्रों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए।
मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए लोगों को आवश्यक होने पर ही घर से निकलने की सलाह दी है।

हिमाचल प्रदेश में अचानक आई बाढ़

किन्नौर जिले में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई।
करीब 100 फुट लंबा लोहे का पुल तेज बहाव में डूब गया, जिसके कारण लिप्पा गांव का संपर्क पूरी तरह कट गया।
स्थानीय प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है।
लोगों से नदी-नालों और पहाड़ी क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।
IMD ने हिमाचल प्रदेश के लिए 15 जुलाई तक येलो अलर्ट जारी किया है।

महाराष्ट्र में इमारत गिरने से बड़ा हादसा

महाराष्ट्र के पुणे के पास पिंपरी-चिंचवड़ में भारी बारिश के कारण बड़ा हादसा हो गया।
कचरे से बिजली बनाने वाले संयंत्र में कूड़े का विशाल ढेर अचानक ढह गया, जिससे इमारत का एक हिस्सा गिर पड़ा।
अब तक मलबे से एक शव बरामद किया गया है।
नौ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि कई लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है।
एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।
वहीं ठाणे जिले में भी बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

करीब 797 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जबकि 136 मकानों को नुकसान पहुंचा है।

 

गुरुग्राम में लग्जरी अपार्टमेंट की बालकनी गिरी

हरियाणा के गुरुग्राम से भी चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई।
भारी बारिश के दौरान एक लग्जरी अपार्टमेंट की बालकनी का हिस्सा अचानक टूटकर गिर गया।
सौभाग्य से इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ।
लेकिन स्थानीय निवासियों ने बिल्डर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे प्रोजेक्ट का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने की मांग की है।

राजस्थान में झमाझम बारिश

राजस्थान के कई जिलों में भी मानसून ने जोरदार दस्तक दी है।
चित्तौड़गढ़ के बडेसर और निम्बाहेड़ा तथा भरतपुर के बयाना में लगभग 9-9 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग ने भरतपुर और कोटा संभाग में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है।
हालांकि 11 जुलाई के बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कुछ कम होने की उम्मीद है।

केरल में भूस्खलन से दर्दनाक हादसा

लगातार हो रही भारी बारिश के कारण वायनाड, मलप्पुरम और कोझिकोड जिलों में हालात गंभीर बने हुए हैं।
वायनाड में भूस्खलन के बाद मलबे से दो और शव बरामद किए गए हैं।
इसके साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है।
तीन लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
रेस्क्यू टीमें लगातार खोज अभियान चला रही हैं।
राज्य के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

IMD की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कई राज्यों के लिए रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।

लोगों से अपील की गई है कि—

अनावश्यक यात्रा से बचें।
नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।

मानसून जहां किसानों के लिए राहत लेकर आता है, वहीं कई बार यही बारिश भारी तबाही का कारण भी बन जाती है

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