मानसून के दौरान जलभराव और खेतों में बढ़ी नमी के कारण सांप अब घरों और आबादी वाले इलाकों तक पहुंच रहे हैं। सिंघिया प्रखंड के अलग-अलग गांवों में बीते तीन दिनों के दौरान छह लोगों को विषैले सांप ने काट लिया।
जानकारी के अनुसार, इनमें से दो लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि चार अन्य का इलाज अस्पताल में जारी है। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रभावित लोगों की निगरानी कर रही है और जरूरत पड़ने पर बेहतर इलाज के लिए रेफर भी किया जा रहा है।
घटनाओं के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोग शाम होते ही घरों से निकलने में सावधानी बरत रहे हैं। कई गांवों में लोगों ने प्रशासन से दवा का छिड़काव, जागरूकता अभियान और एंटी-स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह:
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराएं नहीं। तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें। झाड़-फूंक या घरेलू उपचार पर भरोसा करने के बजाय समय पर चिकित्सा उपचार लेना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।
सावधानी के लिए अपनाएं ये उपाय:
- घर और आसपास की झाड़ियों की नियमित सफाई करें।
- रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करें।
- खेतों में काम करते समय लंबे जूते और पूरे कपड़े पहनें।
- फर्श पर सोने से बचें और बच्चों पर विशेष ध्यान रखें।
- सर्पदंश होने पर तुरंत अस्पताल जाएं और अनावश्यक देरी न करें।
मानसून के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लें।









