भारत में मोटर वाहन कानून के तहत सार्वजनिक सड़कों पर चलने वाली हर बाइक के लिए कम से कम थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस होना अनिवार्य है। यह बीमा किसी दुर्घटना में दूसरे व्यक्ति, वाहन या संपत्ति को हुए नुकसान की आर्थिक भरपाई के लिए होता है।
अगर आप अपनी बाइक को दुर्घटना, चोरी, आग, बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं से भी सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो कॉम्प्रिहेंसिव (Comprehensive) इंश्योरेंस बेहतर विकल्प माना जाता है। इसमें थर्ड-पार्टी कवर के साथ-साथ आपकी अपनी बाइक का भी सुरक्षा कवच मिलता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, नई और महंगी बाइक के लिए ज़ीरो डेप्रिसिएशन कवर, रोडसाइड असिस्टेंस, इंजन प्रोटेक्शन और नो क्लेम बोनस (NCB) जैसे ऐड-ऑन भविष्य में बड़े खर्च से बचा सकते हैं।
बाइक इंश्योरेंस लेते समय इन बातों का रखें ध्यान:
पॉलिसी की वैधता समय पर रिन्यू कराएं।
सही IDV (Insured Declared Value) चुनें।
पॉलिसी की शर्तें और कवरेज ध्यान से पढ़ें।
क्लेम सेटलमेंट रिकॉर्ड वाली भरोसेमंद कंपनी का चयन करें।
अपनी जरूरत के अनुसार ऐड-ऑन कवर शामिल करें।
बाइक इंश्योरेंस सिर्फ एक कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि आपकी आर्थिक सुरक्षा का मजबूत सहारा है। सही समय पर सही पॉलिसी चुनकर आप दुर्घटना या अन्य अप्रत्याशित परिस्थितियों में होने वाले बड़े नुकसान से बच सकते हैं।
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