बिहार के समस्तीपुर जिले के सिंघिया प्रखंड अंतर्गत महरा पंचायत में मनरेगा योजना के तहत एक किसान को बहुआयामी लाभ मिलने का मामला सामने आया है। पंचायत के लहरगछिया गांव के किसान रंजीत कुमार उर्फ टीमा ने मनरेगा योजना से एक पोखरी (तालाब) खुदवाकर पशुपालन और मत्स्य पालन का सफल मॉडल तैयार किया है।
किसान रंजीत कुमार ने बताया कि पंचायत रोजगार सेवक विनोद कुमार और मुखिया प्रतिनिधि राम सागर यादव की पहल पर उन्होंने पोखरी का निर्माण कराया। इस पोखरी में मछली पालन के साथ-साथ बत्तख पालन शुरू किया गया है। बत्तख के बीट से ही मछलियों को प्राकृतिक आहार मिल जाता है, जिससे अलग से चारा देने की जरूरत नहीं पड़ती। इसके अलावा पोखरी के किनारे मुर्गी पालन और बकरी पालन भी किया जा रहा है, जिससे उन्हें एक साथ कई स्रोतों से आय प्राप्त हो रही है।
शुक्रवार को पंचायत रोजगार सेवक विनोद कुमार और मुखिया प्रतिनिधि राम सागर यादव मौके पर पहुंचकर पोखरी में चल रहे मछली और बत्तख पालन का निरीक्षण किया। उन्होंने इस मॉडल की सराहना करते हुए अन्य किसानों से भी अपील की कि कम जमीन में अधिक लाभ कमाने के लिए इस तरह के एकीकृत कृषि मॉडल को अपनाएं।
उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना का सही उपयोग कर किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं और बेरोजगारी को भी कम किया जा सकता है।








