समस्तीपुर जिले के सिंघिया प्रखंड से कृषि क्षेत्र से जुड़ी एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। गुरुवार को सिंघिया प्रखंड के लादा फार्म में मखाना उत्पादन एवं प्रसंस्करण तकनीक पर आयोजित एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में समस्तीपुर के जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती अपनाने का संदेश देते हुए कहा कि बदलते समय के साथ कृषि के तौर-तरीकों में बदलाव लाना बेहद आवश्यक है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि आज का किसान यदि नई तकनीकों को अपनाता है और वैज्ञानिक सलाह के अनुसार खेती करता है, तो वह कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर अपनी आमदनी कई गुना बढ़ा सकता है। उन्होंने कहा कि कृषि अब केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि आधुनिक तकनीकों और नई फसलों के माध्यम से किसानों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।
डीएम रोशन कुशवाहा ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे केवल धान, गेहूं या मक्का जैसी पारंपरिक फसलों पर ही निर्भर न रहें, बल्कि मखाना जैसी नकदी और लाभकारी फसलों की खेती की ओर भी कदम बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि बिहार का मखाना देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी अलग पहचान बना चुका है। ऐसे में यदि किसान वैज्ञानिक तरीके से इसकी खेती और प्रसंस्करण करेंगे तो उन्हें बेहतर बाजार और अधिक लाभ मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार नई योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं का लाभ तभी मिलेगा जब किसान प्रशिक्षण लेकर नई तकनीकों को अपने खेतों में लागू करेंगे। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि खेती से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों और कृषि वैज्ञानिकों से संपर्क करें तथा उनकी सलाह के अनुसार खेती करें।
जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम किसानों को नई जानकारी देने के साथ-साथ आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ उठाकर किसान अपनी खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बना सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मखाना की उन्नत खेती, बीज चयन, पौधों की देखभाल, जल प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण, कटाई, प्रसंस्करण तथा विपणन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां विस्तार से दीं। किसानों ने भी कृषि विशेषज्ञों से अपने सवाल पूछे और खेती में आने वाली समस्याओं का समाधान जाना।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, रोसड़ा अनुमंडल पदाधिकारी संदीप कुमार, सिंघिया प्रखंड विकास पदाधिकारी विवेक रंजन, अंचलाधिकारी सरिता रानी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी सत्यम कुमार सिंह सहित कई प्रशासनिक एवं कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले किसान राजीव कुमार सिंह सहित अन्य किसानों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण में मिली जानकारी का उपयोग कर किसान आधुनिक तकनीकों के माध्यम से अपनी खेती को नई दिशा देंगे और आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनेंगे।
स्थानीय किसानों ने भी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि उन्हें मखाना की वैज्ञानिक खेती और प्रसंस्करण की नई तकनीकों की जानकारी मिली है, जिससे भविष्य में उन्हें निश्चित रूप से लाभ मिलेगा।








